11. राजनीति

राजनीति...

झूठ की खेती पर बना महल क्या आलिशान है ?
जितनी खोटी नीयत, उतनी ही फरेबी जुबान है,
तेरी नादानी पर हमें तो हंसी बहुत ही आती है,
खुदा तेरी सब खैरियत रखे, हम तो इंसान आम हैं,

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